रवि शास्त्री को बाहर करो
यह तो क्रिकेट के लिए शुभ संकेत नहीं है. धोनी को इस तरह बोलते हुए अभी तक किसी ने नही सुना था.बांग्लादेश से सिरीज हारने के बाद, कप्तान धोनी ने कहा कि अगर लोगों को लगता है कि 'किसी दूसरे को कप्तान बनाने से टीम जीतने लगेगी, तो मैं कप्तानी छोडंने के लिए तैयार हूं'. प्रसंगवश, ज़ब से रवि शास्त्री टीम के साथ जुडे है, स्थितियां खराब होती जा रही है। विराट कोहली का टेम्परामेंट बहुत से लोगो को अच्छा नहीं लगता है। कप्तान बनने की उन्हें जल्दी है.बांग्लादेश में उनका प्रदर्शन लचर रहा है। मीडिया हाईप की वजह से कोहली अपने को क्रिकेट का सुपर मैन समझने लगे हैं. यह गलतफ़हमी उन्हें ले डूबेगी। रही बात रवि शास्त्री की, तो ज्यादातर लोग जानते है कि उनके और अभिनेत्री अमृता सिंह के अफ़ेयर के बाद, उनका क्रिकेटिंग कैरियर कितने दिन का रहा. हांलाकि वह कमेंट्री अच्छी करते है. कोहली और शास्त्री मे यह एक बात समान है. बालीवुड के तडके ने कोहली की मन: स्थिति को बदल दिया है. फ़ैक्टर जो भी हो, रवि शास्त्री के टीम से जुडने के बाद, एक- एक करके, विवाद सामने आने लगे है, टीम में तालमेल की कमी है,यह सबकी जुबान पर है. टीम के बेहतर प्रदर्शन के लिए क्यों नही उनको बाहर का दरवाजा दिखाया जाना चाहिए?
यह तो क्रिकेट के लिए शुभ संकेत नहीं है. धोनी को इस तरह बोलते हुए अभी तक किसी ने नही सुना था.बांग्लादेश से सिरीज हारने के बाद, कप्तान धोनी ने कहा कि अगर लोगों को लगता है कि 'किसी दूसरे को कप्तान बनाने से टीम जीतने लगेगी, तो मैं कप्तानी छोडंने के लिए तैयार हूं'. प्रसंगवश, ज़ब से रवि शास्त्री टीम के साथ जुडे है, स्थितियां खराब होती जा रही है। विराट कोहली का टेम्परामेंट बहुत से लोगो को अच्छा नहीं लगता है। कप्तान बनने की उन्हें जल्दी है.बांग्लादेश में उनका प्रदर्शन लचर रहा है। मीडिया हाईप की वजह से कोहली अपने को क्रिकेट का सुपर मैन समझने लगे हैं. यह गलतफ़हमी उन्हें ले डूबेगी। रही बात रवि शास्त्री की, तो ज्यादातर लोग जानते है कि उनके और अभिनेत्री अमृता सिंह के अफ़ेयर के बाद, उनका क्रिकेटिंग कैरियर कितने दिन का रहा. हांलाकि वह कमेंट्री अच्छी करते है. कोहली और शास्त्री मे यह एक बात समान है. बालीवुड के तडके ने कोहली की मन: स्थिति को बदल दिया है. फ़ैक्टर जो भी हो, रवि शास्त्री के टीम से जुडने के बाद, एक- एक करके, विवाद सामने आने लगे है, टीम में तालमेल की कमी है,यह सबकी जुबान पर है. टीम के बेहतर प्रदर्शन के लिए क्यों नही उनको बाहर का दरवाजा दिखाया जाना चाहिए?
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